दोस्तो आज मै आपको एक कहानी सुनाने वाला हूँ!
इस कहानी को अंत तक जरूर पढिऐगा आपको बहुत कुछ सिखने मिलेगा या यू कहूँ कि बहोत अच्छी सिख मिलेगी तो गलत नही होगा.
एक दिन चिडीया अपने बच्चों को जन्म देती है. वह एक पेड पर अपना घौसला बनाती है. और उस पर अपने बच्चों को रखती है. वह अपने बच्चों केलिए बहोत मेहनत करती है. बहोत दुर जाकर अपने बच्चों केलिए खाना लाती थी. यह चिडीया रोज दुर तक जाती और खाना लेकर आती.
एक बार उस पेड ने चिडीया से कहा, "तुम कितीनी मेहनत करती हो अपने बच्चों केलिए"... उस पेड ने उसके मेहनत को देखकर उसे एक प्रस्ताव दिया. पेड ने कहा, "तुम इतनी दुर जाती हो खाना लाने केलिए उससे अच्छा है मे तुम्हे बहोत सारे स्वादिष्ट फल दिया करूंगा पर उसके बदले मुझे तुम तुम्हारे एक एक पंख देने होंगे".
ये प्रस्ताव चिडीया को अच्छा लगा या ये कहे ये deal चिडीया को जच गयी. और उसने ये प्रस्ताव मंजूर कर लिया. अभी रोज चिडीया अपना एक पंख पेड को देनी लगी और उसके बदले मे पेड उसे बहोत सारे फल दिया करने लगा. रोज एक पंख के बदले अब रोज ढेर सारे फल मिलने लगे थे. चिडीया बहोत खुष थी क्योकी अब खाना लाने केलिए बहोत दुर जाना नहीं पडता था. उसे बैठे बैठे सब मिलने लगा था.
ऐसे बहोत दिन निकल गये.... और एक दिन चिडीया ने अपना आखिरी पंख पेड को दे दिया उस दिन उसे फल मिल गये. दुसरे दिन वो फल लेने पेड के पास गयी. पेड ने कहा, "मेरा पंख कहा है? चिडीया ने कहा पंख तो मेरे पास नही है खतम हो गये सारे पंख. तो पेड ने जवाब दिया, अगर तुम मेरा पंख नही दे सकती तो तुम्हे कोई अधिकार नही इस पेड पर रहने का... "
मेरा प्रश्न आपसे यह है.... क्या ये चिडीया आप तो नही?
आप भी जहा काम करते हो वहा भी आपका boss आपके जवानी रूपी पंख हर महीने ले रहा है और उसके बदले आपको फल यानी salary, Incentive दे रहा है!
और जब आप 55 साल के हो जाएंगे मतलब जवानी रूपी पंख खतम हो जाएंगे तो आपको काम से निकाला जाऐगा.
मेरा प्रश्न आपसे ये है.... क्या जाँब से हम अपने सपने पुरे कर पाते है?
क्या जितनी हम मेहनत करते है क्या उस मेहनत का हमे reward मिलता है?
क्या आज के मंहगाई के जमाने मे सिर्फ एक आय के उपर depend रहना सई है?
दोस्तो ईन सबके जवाब आपको ढुंढने है.... मै सिर्फ आपकी मदत कर सकता हूँ.
प्रदिप सावंत
8291710030
इस कहानी को अंत तक जरूर पढिऐगा आपको बहुत कुछ सिखने मिलेगा या यू कहूँ कि बहोत अच्छी सिख मिलेगी तो गलत नही होगा.
एक दिन चिडीया अपने बच्चों को जन्म देती है. वह एक पेड पर अपना घौसला बनाती है. और उस पर अपने बच्चों को रखती है. वह अपने बच्चों केलिए बहोत मेहनत करती है. बहोत दुर जाकर अपने बच्चों केलिए खाना लाती थी. यह चिडीया रोज दुर तक जाती और खाना लेकर आती.
एक बार उस पेड ने चिडीया से कहा, "तुम कितीनी मेहनत करती हो अपने बच्चों केलिए"... उस पेड ने उसके मेहनत को देखकर उसे एक प्रस्ताव दिया. पेड ने कहा, "तुम इतनी दुर जाती हो खाना लाने केलिए उससे अच्छा है मे तुम्हे बहोत सारे स्वादिष्ट फल दिया करूंगा पर उसके बदले मुझे तुम तुम्हारे एक एक पंख देने होंगे".
ये प्रस्ताव चिडीया को अच्छा लगा या ये कहे ये deal चिडीया को जच गयी. और उसने ये प्रस्ताव मंजूर कर लिया. अभी रोज चिडीया अपना एक पंख पेड को देनी लगी और उसके बदले मे पेड उसे बहोत सारे फल दिया करने लगा. रोज एक पंख के बदले अब रोज ढेर सारे फल मिलने लगे थे. चिडीया बहोत खुष थी क्योकी अब खाना लाने केलिए बहोत दुर जाना नहीं पडता था. उसे बैठे बैठे सब मिलने लगा था.
ऐसे बहोत दिन निकल गये.... और एक दिन चिडीया ने अपना आखिरी पंख पेड को दे दिया उस दिन उसे फल मिल गये. दुसरे दिन वो फल लेने पेड के पास गयी. पेड ने कहा, "मेरा पंख कहा है? चिडीया ने कहा पंख तो मेरे पास नही है खतम हो गये सारे पंख. तो पेड ने जवाब दिया, अगर तुम मेरा पंख नही दे सकती तो तुम्हे कोई अधिकार नही इस पेड पर रहने का... "
मेरा प्रश्न आपसे यह है.... क्या ये चिडीया आप तो नही?
आप भी जहा काम करते हो वहा भी आपका boss आपके जवानी रूपी पंख हर महीने ले रहा है और उसके बदले आपको फल यानी salary, Incentive दे रहा है!
और जब आप 55 साल के हो जाएंगे मतलब जवानी रूपी पंख खतम हो जाएंगे तो आपको काम से निकाला जाऐगा.
मेरा प्रश्न आपसे ये है.... क्या जाँब से हम अपने सपने पुरे कर पाते है?
क्या जितनी हम मेहनत करते है क्या उस मेहनत का हमे reward मिलता है?
क्या आज के मंहगाई के जमाने मे सिर्फ एक आय के उपर depend रहना सई है?
दोस्तो ईन सबके जवाब आपको ढुंढने है.... मै सिर्फ आपकी मदत कर सकता हूँ.
प्रदिप सावंत
8291710030
Nice good
ReplyDeleteThanks...
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